| अजब इक तौर है जो हम सितम ईजाद रखें | |
| कि न उस शख़्स को भूलें न उसे याद रखें | |
| अहद इस कूचा-ए-दिल से है सो उस कूचे में | |
| है कोई अपनी जगह हम जिसे बरबाद रखें | |
| क्या कहें कितने ही नुक्ते हैं जो बरते न गए | |
| ख़ुश-बदन इश्क़ करें और हमें उस्ताद रखें | |
| बे-सुतूँ इक नवाही में है शहर-ए-दिल की | |
| तेशा इनआ'म करें और कोई फ़रहाद रखें | |
| आशियाना कोई अपना नहीं पर शौक़ ये है | |
| इक क़फ़स लाएँ कहीं से कोई सय्याद रखें | |
| हम को अन्फ़ास की अपने है इमारत करनी | |
| इस इमारत की लबों पर तिरे बुनियाद रखें | |
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