| वो क्या कुछ न करने वाले थे | |
| बस कोई दम में मरने वाले थे | |
| थे गिले और गर्द-ए-बाद की शाम | |
| और हम सब बिखरने वाले थे | |
| वो जो आता तो उस की ख़ुश्बू में | |
| आज हम रंग भरने वाले थे | |
| सिर्फ़ अफ़्सोस है ये तंज़ नहीं | |
| तुम न सँवरे सँवरने वाले थे | |
| यूँ तो मरना है एक बार मगर | |
| हम कई बार मरने वाले थे | |
0 Comments