वो ख़याल-ए-मुहाल किस का था - जौन एलिया

 

 

 




वो ख़याल-ए-मुहाल किस का था

आइना बे-मिसाल किस का था



सफ़री अपने आप से था मैं

हिज्र किस का विसाल किस का था



मैं तो ख़ुद में कहीं न था मौजूद

मेरे लब पर सवाल किस का था



थी मिरी ज़ात इक ख़याल-आशोब

जाने मैं हम-ख़याल किस का था



जब कि मैं हर-नफ़स था बे-अहवाल

वो जो था मेरा हाल किस का था



दोपहर बाद-ए-तुंद कूचा-ए-यार

वो ग़ुबार-ए-मलाल किस का था


 

 

 

 

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