| कैसे
ऋतु बीतेगी अपने अलगाव की |
| साँसों
के पृष्ठों पर, आँसू के रंगों
से |
| कैसे
तस्वीरें बन पाएँगी चाव की |
|
| मरुथल-सा
प्यासा हर पल-सा बीता-बीता |
| कब तक
हम भोगेंगे जीवन रीता-रीता |
| धरती के
उत्सव में, चंदा में, तारों में |
| गीतों
में, ग़ज़लों में, रागों मल्हारों में |
| गूँजेंगी
कब तक धुन बिछुरन के भाव की |
| कैसे
ऋतु बीतेगी अपने अलगाव की |
|
| कब फिर
पनघट से पायल की धुन आएँगी |
| कब फिर
साजन का सँदेशा ऋतु लाएँगी |
| कैसे
पतझर बीते, जीवन के सावन में |
| तन की
सुर-सरिता में मनवा के आँगन में |
| उतरेंगीं
किन्नरियाँ सपनों के गाँव की |
| कैसे
ऋतु बीतेगी अपने अलगाव की |
<< Prev Home Poetry List Next >>
0 Comments