| बादड़ियो
गगरिया भर दे |
| बादड़ियो
गगरिया भर दे |
| प्यासे
तन-मन-जीवन को |
| इस बार
तो तू तर कर दे |
| बादड़ियो
गगरिया भर दे |
|
| अंबर से
अमृत बरसे |
| तू बैठ
महल मे तरसे |
| प्यासा
ही मर जाएगा |
| बाहर तो
आजा घर से |
| इस बार
समन्दर अपना |
| बूँदों
के हवाले कर दे |
| बादड़ियो
गगरिया भर दे |
|
| सबकी
अरदास पता है |
| रब को
सब खास पता है |
| जो पानी
में घुल जाए |
| बस उसको
प्यास पता है |
| बूँदों
की लड़ी बिखरा दे |
| आँगन मे
उजाले कर दे |
| बादड़ियो
गगरिया भर दे |
| बादड़ियो
गगरिया भर दे |
|
| प्यासे
तन-मन-जीवन को |
| इस बार
तू तर कर दे |
| बादड़ियो
गगरिया भर दे |
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